April 3, 2025, 9:09 pm
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गोविंद देवजी मंदिर में गज पूजन के साथ नव विक्रमी संवत्सर का श्रीगणेश

जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च को नवसंवत्सर 2082 प्रारंभ होगा।मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। गोविंद देवजी मंदिर में मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में गज पूजन किया जाएगा। सजेधजे गजराजों का प्रथम पूज्य गणेशजी मानकर पूजन कर नव वर्ष मंगलमय होने की प्रार्थना की जाएगी। ठाकुरजी को नव संवत्सर का पंचांग पढक़र सुनाया जाएगा। सुभाष चौक पानो का दरीबा स्थित शुक संप्रदाय की प्रधान आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में 30 मार्च को नव विक्रमी संवत्सर उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

इसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है। श्री सरस निकुंज परिसर को फूलों और बंदरवाल से सजाया जा रहा है। श्री सरस निकुंज के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि सुबह 9 से दोपहर 12 तक श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर श्री अलबेली माधुरी शरण जी महाराज के सानिध्य में नव संवत पंचांग का पूजन कर विमोचन किया जाएगा। ठाकुर जी को पंचांग पढ़ कर सुनाया जाएगा। ठाकुर जी को नीम की कोंपल और मिश्री भी अर्पित की जाएगी। भगवान श्री शुकदेव जी महाराज ने आचार्य महाप्रभु श्री श्याम चरण दास जी महाराज को दीक्षा देकर श्री शुक संप्रदाय की स्थापना की थी। इस उपलक्ष में सरस निकुंज में दीक्षा महोत्सव मनाया जाएगा। शुकदेव जी महाराज द्वारा आचार्य महाप्रभु श्री श्याम चरण दास जी को दीक्षा देते हुए चित्रपट की सेवा की जाएगी। संगीतमय पद गायन होगा। तिलक, पूजन, राखी के बाद बधाई गायन और उछाल की जाएगी।

नव संवत्सर के राजा-मंत्री सूर्य:

ऐंद्र योग, रेवती नक्षत्र सहित अन्य योग संयोग नव विक्रम संवत—2082 को खास बनाएंगे। यह सिद्धार्थ नाम का नवसंवत्सर होगा इसलिए पूरे वर्ष में संकल्प के दौरान सिद्धार्थ का नाम लिया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताय कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रविवार होने के कारण इस वर्ष का राजा और मंत्री दोनों सूर्यदेव होंगे। इस साल नए वर्ष का राजा और मंत्री होने का प्रभाव यह पड़ेगा कि इस साल गर्मी की अधिकता रहेगी। धर्म, अध्यात्म, विज्ञान, शिक्षा के क्षेत्रों में प्रगति होगी। राजनैतिक क्षेत्रों में टकराव बढ़ेगा।

मंदिरों में गूंजेंगे शंख-घंटा-घडिय़ाल:

संस्कृति युवा संस्था की ओर से नवसंवत्सर उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि नव संवत्सर 30 मार्च को जयपुर के प्रमुख मंदिरों में घण्टे-घडिय़ाल बजाकर नवभोर का स्वागत किया जाएगा। गोविंददेवजी के मंदिर में शाम को महाआरती होगी।

2100 भगवा पताकाओं के साथ निकलेगी शोभायात्रा- सीकर रोड ढहर के बालाजी चौराहा स्थित सियाराम बाबा की बगीची से 11वीं शोभायात्रा निकाली जाएगी। संरक्षक महंत हरिशंकर दास वेदांती ने बताया कि सनातन नववर्ष के उपलक्ष्य में समस्त हिंदू समाज संतों के सानिध्य में 2100 भगवा पताकाओं एवं झांकियां के साथ शोभायात्रा निकालेगा। ध्वज शोभायात्रा सियाराम बाबा की बगीची से आरंभ होकर पथ नंबर 7 होते हुए प्रताप नगर चौराहे से रोड नंबर 1 होते हुए रोड नंबर 2 से मुरलीपुरा सर्किल पहुंचेगी। समापन स्थल पर संतों के उद्बोधन होंगे।

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