October 18, 2024, 10:01 pm
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नेट थिएट पर नाटक गूंगे :समाज में व्याप्त गूंगेपन को बयां करती गूंगे

जयपुर । नेट थिएट कार्यक्रमों की श्रृंखला में नाद सोसायटी के रंग मंडल की ओर से रागेय राघव की कहानी पर आधारित नाटक गूंगे का सशक्त मंचन किया । इसका निर्देशन रंगकर्मी अनिल मारवाड़ी ने किया। नेट थिएट की राजेंद्र शर्मा राजू ने बताया कि नाटक के मुख्य पात्र मनोज स्वामी ने अपने अभिनय से विभिन्न पात्रों को जिया उन्होंने समाज में व्याप्त गूंगेपन को अपने अभिनय से दर्शा कर सभी को भावुक कर दिया । गूंगे की भूमिका में वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने अपने पात्र के साथ न्याय किया और अपने अभिनय से दर्शकों को झकझोर दिया ।

कथासार

कहानी का मूल भाव है कि समाज में आज हर कोई गूंगा है…. कहानी का पात्र तो शारीरिक कमी के कारण गूंगा है जबकि आज के संदर्भ में देखें तो चारों और गूंगापन पसरा हुआ है. कहानी में गूंगा पात्र स्वाभिमान और मेहनत का प्रतीक है. यह एक मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी है। जिसके माध्यम से लेखक ने यह सन्देश देने की कोशिश की है कि भले ही जीवन में कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आ जाएं, मनुष्य को कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और हमेशा मेहनत और ईमानदारी के सहारे जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। कहानी एक गूँगे लड़के की है जिसमें शोषित एवं पीड़ित मानव की असहाय स्थिति का मार्मिक चित्रण किया गया है। गूँगे में ऐसी तड़पन है जो पाठक के हृदय को झकझोर देती है।

गूँगा बालक एक अनाथ बालक है जो सभी का दया का पात्र है। वह जन्म से बहरा होने के कारण गूँगा है। वह सुख-दुख जो कुछ भी अनुभव करता है, उसे इशारों के माध्यम से प्रकट करता है। जिनके हदय की प्रतिहिंसा न्याय और अन्याय को परखकर भी अत्याचार को चुनौती नहीं दे सकते, क्योंक बोलने के लिए स्वर होकर भी स्वर में अर्थ नहीं है, क्योंकि वे असमर्थ हैं। कार्यक्रम में खुशखरीद के देवेंद्र सिंघवी की ओर से कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए । कार्यक्रम संयोजक नवल डांगी, प्रकाश विनोद सागर गढ़वाल, सेट मीहिजा शर्मा,कवितेश शर्मा,कैमरा जीवितेश शर्मा और संगीत अंकित शर्मा नोनू का रहा ।

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