जयपुर। राजधानी जयपुर में सफाई कर्मचारी भर्ती में अपनी मांगों को लेकर बुधवार से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी। इससे एक बार फिर जयपुर की सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी। पूर्व में भी इसी मामले को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। लेकिन समझौता होने पर वापस काम पर लौट आए थे, लेकिन वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया में समझौता शर्ताे की पालना नहीं किए जाने से सफाई कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार जयपुर नगर निगम ग्रेटर और हेरिटेज में वर्तमान में आठ हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारी कार्यरत है। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जयपुर शहर में सफाई का काम प्रभावित हो सकता है।
संयुक्त वाल्मिकी एवं सफाई श्रमिक संघ अध्यक्ष नन्दकिशोर डंडोरिया ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती में संघ की शर्ते नहीं मानने के विरोध में हड़ताल का निर्णय किया। उनकी प्रमुख मांग मस्टरोल के आधार पर और आरक्षण मुक्त सफाई कर्मचारियों की भर्ती है। जिसमें एक साल तक पहले कर्मचारी से काम करवाया जाए। उसके बाद नियुक्ति दी जाए। वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए। पूर्व की जिन भर्तियों में कोर्ट में मामला विचाराधीन है या जिन पर निर्णय हो चुका है उनमें नियुक्ति के आदेश जारी किए जाए।
डंडोरिया ने बताया कि प्रदेश में सरकार ने जो 24 हजार 797 पदों पर सफाई कर्मचारी की भर्ती की है। उस भर्ती के नियमों में कुछ संशोधन का प्रस्ताव संघ ने सरकार को दिया था। इन मांगों पर सरकार और संघ के बीच 15 मार्च को समझौता भी हुआ। समझौते में नगरीय निकायों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों (अस्थायी) को वरीयता देने एवं जिन अभ्यर्थियों के साल 2012 और 2018 की भर्ती के प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन पर नीतिगत निर्णय करके नियुक्ति देने पर सहमति बनी थी।